Jan 15, 2016
अखबार मालिकान 20जे की आड़ में अवमानना से नहीं बच सकते
अखबार मालिकान 20जे की आड़ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से नहीं बच सकते हैं। एक बार को हम 20जे के मुद्दे को एक एकरतफ भी रख दें, तो भी अखबार मालिकानों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना तो की ही है। मजीठिया वेजबोर्ड के अनुसार स्थायी के साथ-साथ ठेका और अंशकालिक कर्मचारियों को भी वेजबोर्ड के लाभ मिलने हैं। ऐसे में 1 दिसंबर 2011 के बाद किसी भी संस्थान एवं न्यूज एजेंसी में भर्ती सभी साथी चाहे वे स्थायी हो या ठेके पर या अंशकालिक सभी के सभी मजीठिया वेजबोर्ड के तहत वेतनमान लेने के अधिकारी हैं। जबकि ज्यादातर समाचार-पत्रों ने 20जे की आड़ में इनको भी मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार वेतनमान से वंचित कर रखा है, जबकि यह सभी साथी 20जे की परिधि से बाहर हैं। जो कि सीधे-सीधे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है।
पुलिस का दलाल बना भास्कर का अय्याश क्राइम रिपोर्टर
दैनिक भास्कर अजमेर संस्करण के ब्यावर कार्यालय में कार्यरत पत्रकार मनीष शर्मा एक आदतन अपराधी है। शराब पीकर अय्याशी करने वाला यह मनचला लंबे समय से ब्यावर पुलिस का दलाल बना हुआ है। बेगुनाह लोगों को फर्जी मामलों में फंसाकर पुलिस के लिए अवैध वसूली करना जगजाहिर है। हाल ही राजस्थान के बहुचर्चित फर्जी सेक्स रैकेट मामले में एक बार फिर मनीष की अनैतिक कार्यों में लिप्तता सामने आई है। इसी दलाल रूपी पत्रकार की वजह से 7 बेटियों सहित 15 बेगुनाह युवाओं के पाक दामन में दाग लगा। ब्यावर, अजमेर सहित प्रदेशभर में दैनिक भास्कर की बदनामी हुई। आरोप लगे कि सकारात्मक सोच की बात कर लोगों को न्याय दिलाने वाले भास्कर अखबार के पत्रकार काले कारनामों में लिप्त होकर गोरखधंधे कर रहे हैं।
सावधान, कहीं यह मोबाइल फोन तो खरीदने नहीं जा रहे
-रामजी मिश्र 'मित्र'-
सिर मुडाते ही ओले पड़े वाली कहावत बीते दिनों सैमसंग के साथ भी हुई। उसके नवनिर्मित टाइजन जेड थ्री की वजह से उपभोक्ताओं के बीच समसंग की साख को गिरते हुए देखा गया। समसंग के टाइजन की उपभोक्ताओं ने जमकर निंदा की है। दरअसल आठ हजार रुपये की कीमत के आसपास का यह फोन उपभोक्ताओं को कतई रास नहीं आ रहा है। एक बार इस फोन को खरीदने के बाद उपभोक्ता समसंग पर भड़ास भरे कमेन्ट कर रहे हैं।
सिर मुडाते ही ओले पड़े वाली कहावत बीते दिनों सैमसंग के साथ भी हुई। उसके नवनिर्मित टाइजन जेड थ्री की वजह से उपभोक्ताओं के बीच समसंग की साख को गिरते हुए देखा गया। समसंग के टाइजन की उपभोक्ताओं ने जमकर निंदा की है। दरअसल आठ हजार रुपये की कीमत के आसपास का यह फोन उपभोक्ताओं को कतई रास नहीं आ रहा है। एक बार इस फोन को खरीदने के बाद उपभोक्ता समसंग पर भड़ास भरे कमेन्ट कर रहे हैं।
सामना, शहादत और मातम! : जग नहीं सुनता कभी दुर्बल जनों का शांति प्रवचन
-संजय द्विवेदी-
पाकिस्तान के जन्म की कथा, उसकी राजनीति की व्यथा और वहां की सेना की मनोदशा को जानकर भी जो लोग उसके साथ अच्छे रिश्तों की प्रतीक्षा में हैं, उन्हें दुआ कि उनके स्वप्न पूरे हों। हमें पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाते समय सिर्फ इस्लामी आतंकवाद की वैश्विक धारा का ही विचार नहीं करना चाहिए बल्कि यह भी सोचना चाहिए कि आखिर यह देश किस अवधारणा पर बना और अब तक कायम है? पाकिस्तान सेना का कलेजा अपने मासूम बच्चों के जनाजों को कंधा देते हुए नहीं कांपा (पेशावर काण्ड) तो पड़ोसी मुल्क के नागरिकों और सैनिकों की मौत उनके लिए क्या मायने रखती है।
पाकिस्तान के जन्म की कथा, उसकी राजनीति की व्यथा और वहां की सेना की मनोदशा को जानकर भी जो लोग उसके साथ अच्छे रिश्तों की प्रतीक्षा में हैं, उन्हें दुआ कि उनके स्वप्न पूरे हों। हमें पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाते समय सिर्फ इस्लामी आतंकवाद की वैश्विक धारा का ही विचार नहीं करना चाहिए बल्कि यह भी सोचना चाहिए कि आखिर यह देश किस अवधारणा पर बना और अब तक कायम है? पाकिस्तान सेना का कलेजा अपने मासूम बच्चों के जनाजों को कंधा देते हुए नहीं कांपा (पेशावर काण्ड) तो पड़ोसी मुल्क के नागरिकों और सैनिकों की मौत उनके लिए क्या मायने रखती है।
पाठकों की भाषा बिगाड रहे अखबार
वो दिन लद गए जब प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी अपना सामान्य ज्ञान ही नही व्याकरण भी सुधारते थे। यूं कहिए अखबारों पर उनकी निर्भरता कुछ ज्यादा हुआ करती थी । आज अगर अखबार के भरोसे रहे प्रतियोगी परीक्षा क्या घरेलू परीक्षा में भी " लुटिया " डूबनी तय है। पहले एक शहर से एक दो ही अखबार निकला करते थे आज अखबारों की "सुनामी" आ गई है। किसी भी दिन का अखबार उठा लें एक ही समाचार को अलग अलग ढंग से परोसते हैं अखबार। ऐतराज प्रस्तुतिकरण पर नहीं उसकी भाषा पर है।
सैफई महोत्सव में सितारों के जलवे न देख पाने से गुस्साये युवकों ने डेढ़ दर्जन वाहन तोड़ा और पुलिस कर्मियों को किया घायल
सैफई महोत्सव (इटावा) की स्टार नाइट में सितारों का जलवा न देख पाने से गुस्साये लोगों ने रोके जाने पर पुलिस पर हमला करने के बाद जमकर तोड़फोड की। हमले में पुलिस, प्रेस आदि करीब देढ़ दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गये तथा दरोगा सहित पांच सिपाही घायल हो गये। गम्भीर घायल दरोगा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अड़ोस पड़ोस के जनपद बासियों की भीड से महोत्सव का पांडाल शाम 6 बजे ही खचाखच भर गया था। हीरो सैफअली खान, हीरोइन करीना कपूर, सोनम कपूर, सोनाक्षी सिन्हा, हास्य कलाकार गुड्डी आदि कलाकारों ने अपने कार्यक्रम शुरू किये।
मजीठिया: रणछोडदासों को एक मौका और
अब इसे सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी कहें या एक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा। जज ने अपना फैसला न सुनाते हुए ऐसे कागजी शेरों को एक और मौका दिया है जिन्होंने अपनी मानसिक गुलामी , मक्खनबाजी और स्वाभाविक दब्बूपन के कारण मालिकानों के एक इशारे पर लिखकर दे दिया कि उन्हें नए वेजबोर्ड के हिसाब से वेतन। और अन्य सुविधाएं नहीं चाहिए। वाह भाई क्या त्याग है? क्या महानता है? क्या स्वामिभक्ती है। ऐसा त्याग, ऐसी महानता और ऐसा स्वामीभक्ति तो शायद सामंती युग में भी न रही हो।
मैं सहारा में कार्यरत हूं और आज आफिस जाने के लिए मेरे पास पैसे नहीं हैं
कोई श्रम कानून का जानकार हो तो यह बताने की कृपा करे कि कर्मचारी जब हडताल पर रहता है तो सरकार या मिल/फैक्ट्री प्रबंधन " नो वर्क नो पे " का राग अलापते हुए हडताल अवधि का वेतन काट लेता है। आमतौर पर उतने दिन की ईएल काट ली जाती है। बात मुद्दे की यदि कोई संस्थान अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहा है तबभी आफिस जाना जरूरी है वो भी समय पर। ऐसी स्थित में कौन सा अवकाश ईएल/ सीएल/एमएल को छोड़ कर अनुमन्य है जो लिया जा सकता है।
बर्खास्त विक्रम राव आरोप लगाने के लिए रोज गढ़ते हैं किरदार
पद से हटाए जाने के बाद बौखलाए फरजीवाड़े के मास्टर आईएफडब्लूजे के पूर्व अध्यक्ष के विक्रम राव ने संगठन के प्रधान महासचिव पर जाली लोगों के नाम से काल्पनिक मेल भेज कर हमला करना शुरु किया है। यह वही राव हैं जिन पर विदेश यात्रा कराने के नाम पर पत्रकारों से पैसा एंठने, सम्मेलन में जाने वाले पत्रकारों की कैंप फीस खाने, संगठन के आफिस की साज-सज्जा के नाम पर करोड़ों हड़पने के आरोप साबित हो चुके हैं।
सपा की वादाखिलाफी के चलते बेगुनाह 8 साल जेल में सड़ने के लिए थे मजबूर
लखनऊ । रिहाई मंच ने आठ साल सात महीने कैद में रहने के बाद देशद्रोह के आरोप से दोषमुक्त अजीर्जुरहमान, मो0 अली अकबर, नौशाद, नूर इस्लाम व शेख मुख्तार हुसैन की रिहाई को वादा खिलाफ सपा सरकार के मुंह पर तमाचा बताया। मंच ने देशद्रोह और यूएपीए को बेगुनाहों को फंसाने का पुलिसिया हथियार बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की है। रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि 2012 में आतंकवाद के आरोप में कैद निर्दोषों को छोड़ने के नाम पर आई सपा सरकार ने अपना वादा अगर पूरा किया होता तो पहले ही बेगुनाह छूट गए होते। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि आतंक के आरोपों से बरी हुए लोगों को मुआवजा व पुर्नवास किया जाएगा पर खुद अखिलेश सरकार अब तक अपने शासन काल में दोषमुक्त हुए किसी भी व्यक्ति को न मुआवजा दिया न पुर्नवास किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को डर है कि अगर आतंक के आरोपों से बरी लोगों को मुआवजा व पुर्नवास करेंगे तो उनका हिन्दुत्वादी वोट बैंक उनके खिलाफ हो जाएगा।
मजीठिया मामले को लेकर देश भर के अखबारकर्मियों में हलचल तेज
नई दिल्ली/ नोएडा। मजीठिया मामले की हाल में हुई सुनवाई में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से कर्मचारियों का पक्ष लेने से देश भर के मीडियाकर्मियों में जबरदस्त हलचल है। अख़बारकर्मियों में माननीय अदालत के रुख से काफी उत्साह है और वे पूरी ताकत से आगे की कार्रवाई में जुट गए हैं। एक बड़ी बात यह हुई है कि अब तक जो अखबारकर्मी अपने संस्थानों के भीतर डरे हुए बैठे थे वे भी आंदोलन की राह पर निकलने की तैयारी में हैं।
Jan 14, 2016
परमानन्द पाण्डेय अपने मुवक्किलों की फीस माफ़ करें और अंतिम निर्णय के बाद ही पांच प्रतिशत की रकम लें
जागरण के मजीठिया वेतनमान के मुवक्किलों ने अपना वकील बदल लिया है | अब श्री कोलिन गोंज़ाल्विस दैनिक जागरण के कर्मियों का केस लड़ेंगे| चर्चा है कि दैनिक जागरण के अन्य कर्मी भी परमानंद पांडेय को अपने वकील के रूप में न रखने को लेकर सक्रिय हैं और जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकता है| इस सब के पीछे कई कारण बताये जा रहे है.... मालिकों से सांठ-गाँठ, तारिख पे तारिख, धन उगाही.... यहाँ पर ये बताना ज़रूरी है की 2 माह पूर्व राजस्थान पत्रिका के कर्मियों ने भी परमानन्द पाण्डेय की कार्यशैली से त्रस्त आकर अपना वकील बदल लिया था|
अमर उजाला और पुष्प सवेरा समाचार पत्र में हुआ करार? एक समान खबरें छाप रहे है दोनों अखबार
फिरोजाबाद : आगरा से प्रातः कालीन प्रकाशित समाचार पत्र अमर उजाला तथा पुष्प सवेरा में लगता है आपस में करार हो गया है. इस कारण ही दोनों समाचार पत्र एक ही तरह की फ़िरोज़ाबाद की खबरों को प्रतिदिन प्रकाशित कर रहे हैं. कई बार तो हेडिंग तक नहीं बदली है. दोनों समाचार पत्रों में एक तरह की खबरों के प्रकाशन से फ़िरोज़ाबाद के पाठक अचंभित हैं कि आखिर ये कैसे हो रहा है.
होशंगाबाद भास्कर जीएम सुरेन्द्र राय पर हुई FIR, लड़की बाजी का मामला
दैनिक भास्कर होशंगाबाद के जनरल मैनेजर सुरेंद्र राय के खिलाफ एक युवक ने एफआईआर कराई है. युवक ने जो आरोप लगाया है उसके मुताबिक उनकी जिस लड़की से सगाई होने वाली है, उसका नाम लेकर सुरेंद्र ने गंदी गंदी गालियां दी और सगाई न करने को कहा. नीचे एफआईआर की कापी और पूरा मामला विस्तार से पढ़ें...
पत्रकारों के बीमा हेतु सभी पत्रकार संगठित, बना महागठबंधन
लखनऊ के वो कौन साढे तीन सौ पत्रकार हैं जिनके जीवन बीमा पर प्रदेश सरकार 25 लाख रुपए सालाना खर्च करती है?
सिर्फ लखनऊ के साढे तीन सौ पत्रकारों के जीवन बीमा के लिए प्रदेश सरकार 25 लाख रुपए सालाना खर्च करती है। वे कौन जर्नलिस्ट हैं? सूचना के अध्किार के तहत मांगे गए सवाल का जवाब वर्षों से नहीं मिल सका है। अन्य जर्नलिस्टों को भी जीवन बीमा का लाभ देने के लिए प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव आदेश दे चुके हैं लेकिन बीमा का बजट सूचना विभाग में क्यों नहीं बढाया जा रहा है।
विश्व पुस्तक मेले में ब्रजेश राजपूत को शिवना सम्मान प्रदान किया गया
शिवना प्रकाशन द्वारा नई दिल्ली के प्रगति मैदान पर आयोजित विश्व पुस्तक मेले में दिनांक 13 जनवरी को हॉल क्रमांक 8 में साहित्य मंच पर आयोजित शिवना सम्मान समारोह में पत्रकार श्री ब्रजेश राजपूत को अम्बादत्त भारतीय स्मृति शिवना सम्मान प्रदान किया गया।
Jan 13, 2016
प्रो संदीप पाण्डेय बर्खास्तगी प्रकरण में छित्तूपुर गेट काशी विश्वविद्यालय पर हुयी जनसभा
आज मंगलवार को छित्तूपुर काशी विश्वविद्यालय गेट पर प्रोफेसर संदीप पाण्डेय बर्खास्तगी प्रकरण में एक जनसभा संयुक्त छात्र अधिकार मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित हुयी । गुमटी फेरी पटरीव्यवसाइयों, ग्रामीणों, छात्रों-युवाओं के जनसमूह वाली जनसभा में कुलपति प्रो जी सी त्रिपाठी और परिसर के भगवाकरण के विरोध में नारे लगे और नई शिक्षा नीति से होते हुए पूंजीवादी फाँसीवाद के बड़े सवालों से घंटों संवाद होता रहा।
पत्रकार सोनू सिंह के हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल मिला एसएसपी से
वाराणसी। सोमवार को पत्रकार प्रेस परिषद के जिलाध्यक्ष घनश्याम पाठक के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरी से उनके कैम्प कार्यालय में मिला। पत्रकारों ने चोलापुर निवासी पत्रकार सोनू सिंह के ऊपर गोली चलाकर हत्या करने के प्रयास के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी करने, घटना के पीछे की कहानी का खुलासा करने के साथ साथ सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। कप्तान कुलहरि ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए पत्रकार पर हुए हमले के मामले में खुलासा के लिए रोहनिया के थानाध्यक्ष शिवानंद मिश्रा व क्राइम ब्रांच के प्रभारी एस पी सिंह को लगाने की घोषणा की। साथ ही पत्रकार सोनू सिंह की सुरक्षा के लिए स्थानीय थाने से पुलिस बल मुहैया कराने का आश्वासन दिया। कप्तान ने कहा कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
Jan 8, 2016
Reading Phule - Now No More Silences!
-subhash gatade-
“Lack of education lead to lack of wisdom,
Which leads to lack of morals,
Which leads to lack of progress,
Which leads to lack of money,
Which leads to the oppression of the lower classes,
See what state of the society one lack of education can cause!”
·Jyotiba Phule
..Most people do not realize that society can practise tyranny and oppression against an individual in a far greater degree than a Government can. The means and scope that are open to society for oppression are more extensive than those that are open to Government; also they are far more effective. What punishment in the penal code is comparable in its magnitude and its severity to excommunication? Who has greater courage—the Social Reformer who challenges society and invites upon himself excommunication or the political prisoner who challenges Government and incurs sentence of a few months or a few years imprisonment?..
(Ranade, Gandhi and Jinnah, Address delivered by Dr Ambedkar on the 101 st birthday celebration of M G Ranade, 18 th January, 1943)
“Lack of education lead to lack of wisdom,
Which leads to lack of morals,
Which leads to lack of progress,
Which leads to lack of money,
Which leads to the oppression of the lower classes,
See what state of the society one lack of education can cause!”
·Jyotiba Phule
..Most people do not realize that society can practise tyranny and oppression against an individual in a far greater degree than a Government can. The means and scope that are open to society for oppression are more extensive than those that are open to Government; also they are far more effective. What punishment in the penal code is comparable in its magnitude and its severity to excommunication? Who has greater courage—the Social Reformer who challenges society and invites upon himself excommunication or the political prisoner who challenges Government and incurs sentence of a few months or a few years imprisonment?..
(Ranade, Gandhi and Jinnah, Address delivered by Dr Ambedkar on the 101 st birthday celebration of M G Ranade, 18 th January, 1943)
Eat healthy to avoid anemia: Dr. Sonia Malik
In our country, more than half of the population is suffering from the problem of anemia- low iron level in blood stream. In order to overcome this problem, it is very important to identify and understand the causes and symptoms of it. Approximately 60% of the total population is suffering from this problem and the percentage is considerably higher in women than in men.
मुफ्त बीमा सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र के पत्रकार इन लोगों से संपर्क करें
मुंबई : मराठी पत्रकार दिन के अवसर पर "जर्नलिस्ट वेलफेयर असोसिएशन" की तरफ से "पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा और बीमा सुरक्षा" विषय पर परिसंवाद का आयोजन किया गया था। इस परिसंवाद में "जर्नलिस्ट वेलफेयर असोसिएशन" की तरफ से पत्रकारों को मुफ़्त सामूहिक बीमा (Group Insurance Policy) सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया।
आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान- 2016 : तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसांग सांगे बोले- चीनी ताकत से तिब्बत अपने अहिंसात्मक संघर्ष के जरिए आजाद हो कर रहेगा
नई दिल्ली। शक्तिशाली चीनी ताकत से तिब्बत अपने अहिंसात्मक संघर्ष के जरिए उसी तरह स्वतंत्र होकर रहेगा जैसे भारत, दक्षिण अफ्रीका आदि ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्र हो गए। यह बात तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसांग सांगे ने आचार्य कृपलानी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘आचार्य कृपलानी स्मृति व्याख्यान’ में बोलते हुए कही। डॉ. सांगे ने गांधी शांति प्रतिष्ठान में ‘तिब्बत का संकट और भारतीय नेतृत्व’ विषय पर बोलते हुए कहा कि तिब्बत की मुक्ति न केवल तिब्बत के हित में है बल्कि भारत और दुनिया के हित में भी है। उन्होंने कारण गिनाते हुए कहा कि तिब्बत में प्राकृतिक संसाधनों का चीन द्वारा जिस बर्बर तरीके से शोषण-दोहन-खनन हो रहा है, उससे तिब्बतियों का भविष्य तो दुरूह हुआ ही है, भारत के लोगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
किशन कालजयी को बृजलाल द्विवेदी सम्मान
भोपाल, 8 जनवरी,2016। हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता को सम्मानित किए जाने के लिए दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान इस वर्ष ‘संवेद’ (दिल्ली) के संपादक श्री किशन कालजयी को प्रदान किया जाएगा। श्री किशन कालजयी साहित्यिक पत्रकारिता के एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर होने के साथ-साथ देश के जाने-माने संपादक एवं लेखक हैं।
Jan 6, 2016
क्या अमेरिका अपने बगलबच्चे सउदी अरब की लगाम खींचेगा?
-डॉ. वेदप्रताप वैदिक-
अब ईरान और सउदी अरब के बीच तलवारें खिंच गई हैं। ईरानियों ने सउदी दूतावासों में आग लगा दी है और सउदी अरब ने ईरान से अपने कूटनीतिक संबंध तोड़ दिए हैं। हम समझते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच झगड़ा चलता रहता है, क्योंकि हम हिंदू हैं और वह मुसलमान है लेकिन देखिए कैसी ताज्जुब की बात है कि इन दोनों देशों में जानलेवा तनाव बना रहता है जबकि दोनों मुसलमान देश हैं।
अब ईरान और सउदी अरब के बीच तलवारें खिंच गई हैं। ईरानियों ने सउदी दूतावासों में आग लगा दी है और सउदी अरब ने ईरान से अपने कूटनीतिक संबंध तोड़ दिए हैं। हम समझते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच झगड़ा चलता रहता है, क्योंकि हम हिंदू हैं और वह मुसलमान है लेकिन देखिए कैसी ताज्जुब की बात है कि इन दोनों देशों में जानलेवा तनाव बना रहता है जबकि दोनों मुसलमान देश हैं।
Jan 5, 2016
महानगरों की अपेक्षा गाँवों और कस्बों में रचा जा रहा है श्रेष्ठ साहित्य
प्रतिष्ठित कवि और कथाकार मीठेश निर्मोही ने कहा कि महानगरों की अपेक्षा कस्बों और गाँवों में श्रेष्ठ साहित्य रचा जा रहा है | वे राजसमंद में राव मनोहर सिंह स्मृति न्यास एवं साकेत साहित्य संस्थान, आमेट के संयुक्त तत्त्वावधान में 26-27 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय मेधा मिलन पर्व-5 के अवसर पर दूसरे दिन मनोहर मेवाड़ साहित्य सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उद्बोधन दे रहे थे | उन्होंने कांकरोली के क़मर मेवाड़ी और लालमादड़ी के माधव नागदा का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों साहित्यकारों ने छोटे स्थानों पर रहते हुए जो उत्कृष्ट साहित्य रचा है वह अपने आप में अनूठा है |
नैनीताल ने 'विंटर कार्निवाल' : मुख्यमंत्री ने सैलानियों से सीधे मुलाकात और गुफ्तगू की
नैनीताल : इस बार नैनीताल ने "विंटर कार्निवाल" के रंगारंग समापन के साथ 2015 को अलविदा कहा। आखिरी रोज कार्निवाल में प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी शरीक हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सैलानियों से सीधे मुलाकात और गुफ्तगू की। सैलानियों के साथ मुख्यमंत्री ने खुद भी उत्तराखंड के व्यंजनों और लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ़ उठाया।
आत्मीयता से मिलते थे रविंद्र जी
अजमेर जिले के पत्रकारिता क्षेत्र में कुशल व्यक्तित्व के धनी रविंद्र सिंह जी अब हमारे बीच नहीं रहे। गत 19 दिसंबर की रात उन्हें ब्रेन हेमरेज होने का मैसेज पढ़कर विचलित हो गया। दिन में ही पत्रकार राजेंद्र जी हाड़ा का निधन हुआ था। सोचा, अचानक यह क्या हो गया। मैंने अजमेर के एक पत्रकार साथी को कॉल किया और रविंद्र जी के स्वास्थ्य से संबंधी जानकारी चाही तो मालूम हुआ कि उनकी हालत गंभीर है। परिवार को बताया तो उन्हें भी निराशा हुई। वो मेरे पूरे परिवार से भी परिचित थे।
2016 में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के दो और संस्करण होंगे प्रकाशित
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के दो और संस्करण के प्रकाशन की तैयारियां प्रारंभ हो गई है। आगामी एक वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के दो और संस्करण प्रकाशित होने प्रारंभ हो जायेंगे।
मथुरा में पत्रकारों और अफसरों ने अनाथ बच्चों के साथ जुड़कर नये साल का आगाज किया
मथुरा में नव वर्ष के अवसर पर राजकीय शिशु सदन मे उपजा और बृज प्रेस क्लब तथा मिडलैंड कॉलोनी विकास समिति के तत्वाधान में जिला अधिकारी राजेश कुमार उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु सचिव मोहन श्याम शर्मा ओर श्रीमती बंदना अग्रवाल ने सयुक्त रूप ने बेसहारा बच्चों को गर्म कपड़े वर्गर पेस्टी चोकलेट और ड्राई फ्रूड् के साथ ही उपहार बांटे। मथुरा के राजकीय शिशु सदन मे रहने वाले अनाथ बच्चो को भी नव वर्ष का आगाज कराने के लिये जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी राजेश कुमार ने राजकीय शिशु सदन पहुंच कर नये साल का जश्न मनाकर वहां रहने वाले बच्चो को वस्त्र भेट कर व उपहार बांटे ताकि वहां रहने वाले लावारिस बच्चो को अपनो की कोई कमी महशूस न हो।
उत्तराँचल प्रेस क्लब में रिसीवर को लेकर डीएम दरबार में दस्तक, पत्रकारों में रोष
देहरादून : लोहा ही लोहे को काट सकता है और एक पत्रकार ही दूसरे पत्रकार को नीचा दिखाने के लिए कुछ भी कर सकता है. उत्तराँचल प्रेस क्लब को लेकर जिला अधिकारी को देहरादून को पत्र दिया गया है. उत्तराँचल प्रेस क्लब के खुल जाने से एक दूसरे गुट के पेट में दर्द हो गया है क्योंकि वो गुट इस प्रेस क्लब की जमीन को अपने कब्जे में लेने की जुगत में लगा हुआ था लेकिन समय रहते उस की दाल नहीं गल पायी और प्रेस क्लब को आपसी समझौते के चलते खोल लिए गया. इस पत्र में वर्तमान कार्यकारिणी को लेकर भी सवाल उठाये गए हैं और कहा गया है प्रेस क्लब में नए सदस्यों को लेकर भी कोई फैसला नहीं किया गया इसी लिए यहाँ चुनाव सम्पन होने तक एक रिसीवर तैनात किया जाये.
पत्रकारिता.... जिंदगी झंड बा फिर भी घमंड बा
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा खंभा होता है। पत्रकार के जिम्मे समाज के निर्माण और उसकोे बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है आदि उपदेश आयेदिन पिलाये जाते हैं । चलिए एकबार मान भी लें कि पत्रकार हमारे लोकतंत्र का चौथा खंभा होता है तो यह सवाल उठना भी स्वाभाविक है कि आजादी के पैंसठ साल भी लोकतंत्र का तथाकथित यह चौथा खंभा बाकी तीनों खंभों की तुलना में इतना घुना हुआ क्यों है? इतना बेचारा क्यों है? इतना निरीह क्यों है?
26 जनवरी के आस-पास आतंकवाद के नाम पर बेगुनाहों को फंसाने की फिराक में सुरक्षा एजेंसियां
लखनऊ । रिहाई मंच ने सपा सरकार से मांग की है कि वह सम्भल से अलकायदा के नाम पर फंसाए गए लोगों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। मंच ने आरोप लगाया है कि सपा और दूसरी तथाकथित सेक्यूलर पार्टियां अपने हिंदू वोट बैंक के नाराज हो जाने के डर से अलकायदा के नाम पर फंसाए जा रहे लोगों के सवाल पर खामोश हैं।
शोध पत्रिका "समागम" के 15 साल पूरे
भोपाल से प्रकाशित शोध पत्रिका "समागम" ने अपने प्रकाशन के शानदार 15 साल पूरे कर लिए है. साल 2000 फरवरी से शोध पत्रिका "समागम" का प्रकाशन आरम्भ हुआ था. तब से लेकर अब तक यह पत्रिका नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है. शोध पत्रिका "समागम" मूल रूप से मीडिया और सिनेमा की मासिक पत्रिका है. शोध पत्रिका "समागम" एडिटर मनोज कुमार कहते है कि हमारे पूरे जीवन पर मीडिया और सिनेमा का प्रभाव है अतः जीवन के विविध पहलुओ पर शोधात्मक लेख का प्रकाशन किया जाता है.
सपा प्रवक्ता जिसे लोकतंत्र में सपा की जीत बता रहे हैं, वह परिवारवाद और धनबल की जीत है
धनबल-बाहुबल की राजनीति करने वाली सपा सरकार ने ग्राम स्वराज के सपने की हत्या कर दी है
लखनऊ . उत्तर प्रदेश में 75जिलों में 33 निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष होना यह साबित करता है की धनबल -बाहुबल की राजनीति करने वाली सपा सरकार ने ग्राम -स्वराज के सपने की हत्या कर दी है। इंसाफ अभियान ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि एटा ,कासगंज ,फीरोजाबाद ,मैनपुरी ,कानपुर देहात ,कानपूर नगर ,इटावा ,झाँसी ,जालौन ,हमीरपुर ,महोबा ,चित्रकूट ,भदोही ,ग़ाज़ीपुर ,आजमगढ़ ,बलिया ,मऊ ,देवरिया ,बस्ती ,सिध्दार्थनगर ,श्रावस्ती ,गोंडा ,बहराइच ,फ़ैजाबाद ,बाराबंकी ,लखनऊ ,लखीमपुर ,हरदोई ,बदायूं ,अमरोहा बुलंदशहर ,गाज़ियाबाद में निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनाये जाने की प्रक्रिया सपा के सामंती चरित्र को उजागर किया है।
Jan 4, 2016
यमुना ट्रॉफी लीग-2016 : मीडिया इलेवन ने जस्टिस इलेवन और ट्रेड इलेवन ने दिल्ली पुलिस इलेवन को हराया, देखें तस्वीरें
नई दिल्ली। रविवार को दिल्ली के पडपडगंज स्थित नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल में यमुना ट्रॉफी लीग-2016 की शुरुआत की गई। इसका उदघाटन मुख्य अतिथि दिल्ली पुलिस के सीनियर स्पेशल कमिश्नर दीपक मिश्रा (आईपीएस) ने किया। यमुना ट्रॉफी लीग का आयोजन, पूर्वी दिल्ली उपायुक्त भैरों सिंह गुज्जर के साथ यमुना ट्रॉफी प्रबंधन कमेटी और इंडियन मीडिया वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव निशाना द्वारा किया गया।
Jan 2, 2016
अंग्रेज हिंदू-मुस्लिम वाली बेवकूफाना दो राष्ट्र सिद्धांत के अपने मकसद में सफल रहे, क्योंकि हम लड़ रहे : जस्टिस काटजू
India and Pakistan
By Justice Katju
Just as Prime Minister Vajpayee's acclaimed Lahore bus visit and the Lahore Declaration in February 1999 was followed by the Kargil war in May the same year, so also Prime Minister Modi's recent Lahore visit, with all its bonhomie, hoopla and fanfare has been followed by the attack by militants on the Pathankot air force base.
Jan 1, 2016
सण्डे हो या मंडे... गुरुजी का लक्ष्य है बच्चे पढें
रविवार हो या कोई छुट्टी का दिन गुरु जी रोज विद्यालय जायेगे, पढायेंगे और अच्छे नम्बरों के टिप्स अपने विद्यार्थियों को देंगे। हां परिणाम भी है भौतिक विज्ञान जैसे विषय में गुरुजी का परीक्षाफल किसी भी सत्र में 90 प्रतिशत से कम नही रहा। छात्र-छात्राओं को उनकी सलाह होती है कभी भीऔर कहीं भी वे पाठ्क्रम सम्बन्धी समस्या का समाधान उनसे ले सकते हैं।
बिल्डिंग हादसे में एक की मौत हुई लेकिन टीआरपीबाज़ आजतक ने 6 को मार डाला
ठाणे जिले के भिवंडी में बिल्डिंग हादसे में एक की मौत 9 ज़ख़्मी हुए हैं. सबसे तेज़ होने का दावा करने वाले न्यूज़ चैनल आज तक ने 6 को मार दिया और काफी देर तक चैनल पर 6 के मरने की खबर और टिकर चलाया जाता रहा. इस हादसे में सिर्फ एक की मौत हुई है और 9 सुरक्षित निकाल लिए गए हैं. इस झूठी खबर से भिवंडी शहर में ज़बरदस्त नाराज़गी है लोगो में.
मोदी ने मीडियातंत्र को मोडियातंत्र बना दिया।
मोदी ने मीडियातंत्र को मोडियातंत्र बना दिया। मीडिया कर्मी, मोदियाकर्मी बनकर शहीद होने की कतार में हैं। ये रेस है पत्र से कार लेने का। रेस है पूंजीवाद का ,पूंजीवादिओं का और पूंजी बनाने का। मोदी के नाम पर और सेल्फ़ी -मोदी का तानाबाना बुनकर पूंजीपति बनने का। राष्ट्रीय मीडिया से लेकर क्षेत्रीय मीडिया संस्थान के मालिक व पत्रकार इस रेस की पाइप लाइन में लगे हुए हैं. मीडिया संस्थान के मालिक बिककर भी छिपकर हैं क्यूंकि बन्दुक संपादक और संपादक द्वारा प्रायोजित पैकेज या कॉलम के मार्फ़त चलता है। मीडिया का पूर्ण पूंजीवादी करण या कॉरपोरेट रंग आज से कई वर्ष पूर्व ही दिख गया था और ये जगजाहिर है की भारतीय शासन अप्रत्यक्ष तौर से अमेरिका के हाथो चलता है।
उमराव सालोदिया का उमराव खान हो जाना
-भंवर मेघवंशी-
राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमराव सालोदिया ने मुख्य सचिव नहीं बनाये जाने से नाराज हो कर स्वेच्छिक सेवा निवृति लेने तथा हिन्दुधर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने की घोषणा कर सनसनी पैदा कर दी है ।
राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार से अब न उगलते बन रहा है और न ही निगलते। यह सही बात है कि वरीयता क्रम में वे मुख्य सचिव बनने के लिए बिलकुल पात्र थे और यह भी सम्भव था कि वे राज्य के पहले दलित मुख्य सचिव बन जाते मगर भाजपा सरकार ने वर्तमान मुख्य सचिव सी एस राजन को तीन माह का सेवा विस्तार दे कर सालोदिया को वंचित कर दिया ।
राजस्थान के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमराव सालोदिया ने मुख्य सचिव नहीं बनाये जाने से नाराज हो कर स्वेच्छिक सेवा निवृति लेने तथा हिन्दुधर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने की घोषणा कर सनसनी पैदा कर दी है ।
राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार से अब न उगलते बन रहा है और न ही निगलते। यह सही बात है कि वरीयता क्रम में वे मुख्य सचिव बनने के लिए बिलकुल पात्र थे और यह भी सम्भव था कि वे राज्य के पहले दलित मुख्य सचिव बन जाते मगर भाजपा सरकार ने वर्तमान मुख्य सचिव सी एस राजन को तीन माह का सेवा विस्तार दे कर सालोदिया को वंचित कर दिया ।
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